ENTERTAINMENT SPECIAL SREE KRISHNA SERIAL 221 PARTS || रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 1 to 221

ENTERTAINMENT SPECIAL SREE KRISHNA SERIAL 221 PARTS || रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 1 to 221

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ENTERTAINMENT SPECIAL SREE KRISHNA SERIAL 140 PARTS

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 1 to 221
BHAGVAN SHREE KRISHNA SERIAL ALL VIDEOS

Mathura is one of the seven ancient and holy cities of India. Mathura is very important. Just as Bethlehem is for Christians, Lumbini is for Buddhists and Madina is for Muslims, so is Mathura for Hindus. Lord Krishna was born in Mathura.

The events of Lord Krishna's life from birth to Nirvana are full of thrills. Akashvani told Krishna's A Convis that the offspring of Vasudeva and Devaki would be the cause of your death. And so he imprisoned both Vasudev and Devaki. And Kansa was killing both the offspring as soon as they were born.

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रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 1 – कलयुग का राजा परिक्षित के राज्य में आगमन


रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 2 – श्री कृष्ण कथा का आरम्भ | कंस का अत्याचार | आकाशवाणी

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 3 – कंस राजा उग्र्सैन को मारने की साज़िश करता है

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 4 – कंस मगध राज्य पर क़ब्ज़ा कर लेता है

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 5 – कंस का राज्यभिषेक | देवकी के दूसरे पुत्र का जनम

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 6 – शेष नाग का देवकी के गर्भ में समाना | कंस का शेष नाग से भय

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 7 – रोहिनी का गर्भवती होना | यशोदा नंदराय का पुत्र प्राप्ति यज्ञ

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 8 – श्री हरी का देवकी के गर्भ में स्थापित होना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 9 – बलराम जनम | श्री कृष्ण जनम | वसुदेब का यमुना नदी पार करना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 10 – श्री कृष्ण जनम पर नंदराय के घर उत्सव

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 11 – देवकी वासुदेव की रिहाई | कंस का सभी नवजात बचो को मारना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 12 – श्री कृष्ण द्वारा पुतना वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 13 – श्री कृष्ण ने किया श्रीधर को अपंग | कगासुर का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 14 – उत्करच का वध | बलराम का नामकरण

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 15 – श्री कृष्ण नामकरण | वासुदेव को कंस का बुलावा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 16 – वासुदेव देवकी को कंस फिर से डाल देता है कारागार में

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 17 – तृणावर्त दैत्य का वध | भगवान शिव आए गोकुल श्री कृष्ण दर्शन को

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 18 – भगवान शिव और श्री कृष्ण मिलाप | श्री कृष्ण की माखन लीला

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 19 – मैया यशोदा को श्री कृष्ण ने देखाया विराट रूप

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 20 – कान्हा का गोकुल के ग्वालों के साथ माखन की चोरी

According to the prophecy, Vishnu was to be born in the form of Krishna from the womb of Devaki, then he was born in the form of his 7th incarnation.

It was the best time. At that time there was only the vision of auspicious planets.

Due to the coincidence of Rohini Nakshatra and Ashtami Tithi, the yoga called Jayanti was done about 2112 BC, 315 years ago today. According to astrology, it was zero time at 12 o'clock at night.

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 21 – कान्हा को मटकियाँ तोड़ने की सज़ा | राधा और श्री कृष्ण मिलन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 22 – गोपियों के वस्त्र हरण | श्री कृष्ण और फल वाली

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 23 – श्री कृष्ण ने किया बकासुर और अकासुर का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 24 – कलिया नाग से श्री कृष्ण का युध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 25 – श्री कृष्ण का तुलादन और गोवर्धन पूजन का प्रारम्भ

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 26 – श्री कृष्ण ने उठाया गोवर्धन पर्वत को एक उँगली पर

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 27 – कंस को नारद मुनि जी ने दी भगवान विष्णु की शरण में जाने की सलाह

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 28 – बृज की होली का त्योहार | श्री कृष्ण और राधा की प्रेम लीला

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 29 – श्री कृष्ण ने राधा का अहंकार तोड़ा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 30 – श्री कृष्ण की गोपियों संग रासलीला

Devaki had a brother, Kansa, a tyrant, who along with some other demon kings was terrorising Mother Earth. Kansa had usurped the throne of Mathura from his father, the benevolent King Ugrasen.

Mother Earth took the form of a cow and went to Lord Brahma, the creator God of Hinduism, with her plight. Lord Brahma then summoned Lord Vishnu, who assured Mother Earth that he would take birth as Lord Krishna to end this tyranny.

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 31 – कंस का धनुर यज्ञ की योजना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 32 – कंस का वासुदेव को अंधे कुएँ में फेंकना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 33 – अक्रूर का यशोदा नंदराय को कृष्ण को साथ ले जाने की अनुमति माँगना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 34 – बलराम और श्री कृष्ण की एक साथ मथुरा जाने की तैयारी

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 35 – राधा ने श्री कृष्ण को मथुरा जाने से रोका

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 36 – श्री कृष्ण ने दिया अक्रूर को अपने वास्तविक रूप के दर्शन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 37 – श्री कृष्ण ने कुब्जा को बनाया रूपवान

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 38 – श्री कृष्ण ने शिव धनुष को तोड़ा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 39 – श्री कृष्ण द्वारा कंस के हाथी का वध एवं पहलवानों से मल्ल युध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 40 – कंस का वध | कृष्ण का वासुदेव और देवकी से मिलन

Kansa agreed to let Devaki get married to Yadava prince Vasudeva in the hopes of taking over the Yadava clan too. When Devaki was getting married, Kansa was told by fortune tellers that one of the offsprings of Devaki would bring his end.

In his paranoia, Kansa brandished his sword and decided to kill Devaki right there and then. But after Vasudeva begged for his wife’s life and promised to hand each child to Kansa as soon as it was born, Kansa let go of his sister, and instead imprisoned Devaki and Vasudeva, and made sure that none of Devaki’s children survived.

As soon as a child was born to Devaki, Kansa would smash the child’s head against the walls of the prison.

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 41 – श्री कृष्ण और बलराम से ली नंदराय बाबा ने विदाई

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 42 – श्री कृष्ण और बलराम पहुँचे महर्षि संदीपनि के आश्रम

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 43 – महर्षि संदीपनि ने श्री कृष्ण और बलराम को दी दीक्षा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 44 – प्रलहाद की विष्णु भक्ति | हिरण्यकश्यप का भगवान नरसिंह द्वारा वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 45 – ऋषि संदीपनि ने सुनाई मत्स्य अवतार की कहनी और समुद्र मंथन की कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 46 – समुद्र मंथन कथा | भगवान विष्णु की वामन अवतार कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 47 – ऋषि संदीपनि ने श्री कृष्ण को सुनाई राम कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 48 – ऋषि संदीपनि ने सुनाई श्री राम सीता के विवाह की कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 49 – ऋषि संदीपनि ने सुनाई श्री राम के वनवास की कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 50 – ऋषि संदीपनि ने सुनाई श्री राम द्वारा रावण वध की कथा

However, on the night of Krishna’s birth, as soon as Krishna was born, a bright light filled the prison and Vasudeva was woken up by a divine voice that guided him to take Krishna across the Yamuna and leave him with his dear friend Nandraja, the head of the Gopa tribe.

Nandraja and his wife Yashoda had also given birth to a baby girl that night, so Vasudeva secretly carried baby Krishna across the Yamuna river, which was no longer in its calm state, but instead was raging as if it were the ocean.

Just then Lord Vishnu’s Shesh Naag, the giant multi-headed snake came and helped Vasudeva carry Krishna safely across the river.

Vasudeva went to Nandraja’s house and exchanged the babies. His heart was filled with a deep sadness, as if he had left a part of his soul behind.

He headed back to the prison with the exchanged baby, who gave a loud cry as soon as she lay next to Devaki. The guards informed Kansa that Devaki’s eight child was finally born.

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 51 – ऋषि संदीपनि ने दिया श्री कृष्ण बलराम को योग का ज्ञान

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 52 – श्री कृष्ण ने दिए ऋषि संदीपनि को विष्णु रूप में दर्शन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 53 – श्री कृष्ण द्वारा पाँचजन्य का वध | पुनर्दत्त की वापसी

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 54 – जरासंध का मथुरा पर युध के लिए कुच करना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 55 – अक्रूर का धृतराष्ट्र से सहायता माँगना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 56 – अक्रूर की कुंती से भेंट | अक्रूर का मथुरा वापस लौटना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 57 – महाऋषि मंडव्य का धरम राज को श्राप

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 58 – जरासंध का संधि पत्र ठुकराना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 59 – श्री कृष्ण और बलराम का जरासंध के साथ युध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 60 – जरासंध की युध में हार | श्री कृष्ण और बलराम की जीत की ख़ुशी

Devaki begged Kansa not to kill the baby, she pleaded that the prophecy must have been wrong as her son was meant to bring the end of Kansa but to no avail.

When Kansa tried to kill the exchanged baby, it transformed into Goddess Durga and warned him that his death had arrived in his kingdom, and would come back to punish Kansa for his sins.

That Kansa would find no peace and keep thinking about his end, she said that she could kill him then and there, but Kansa’s end had to be timely, and then the goddess vanished.

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 61 – गोकुल की याद | उद्धव का मथुरा आगमन | श्री कृष्ण और उद्धव वार्ता

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 62 – उद्धव को अपने ज्ञान का अहंकार | उद्धव का गोकुल वृंदावन आना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 63 – उद्धव का राधा से मिलना और श्री कृष्ण प्रेम पर विश्वास जागना|

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 64 – उद्धव को हुआ प्रेम का ज्ञान | उद्धव को आशीर्वाद देना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 65 – जरासंध की श्री कृष्ण से दोबारा युद्ध में हार

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 66 – श्री कृष्ण ने सुनायी बलराम अक्रूर को जरासंध की कहानी

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 67 – राजा मुचुकंद की कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 68 – कालयवन का मथुरा पहुँचना और श्री कृष्ण को युध की चुनौती

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 69 – कालयवन का वध | राजा मुचुकंद को श्री कृष्ण का वरदान

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 70 – श्री कृष्ण की द्वारिका का निर्माण

However, Kansa was certain that the prophecy may not be entirely true given that if his slayer was born inside the prison, he would have surely killed him. With a slight relief, Kansa finally freed Vasudeva and Devaki, and let them live in a separate palace.

After some days, Vasudeva shared what happened on the night of Krishna’s birth, and though Devaki was sad, she was relieved to hear her son was safe.

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 71 – हस्तिनापुर में दूत का आना। श्री कृष्ण का संधि पत्र

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 72 – युधिष्ठिर को युवराज घोषित करना | बलराम का रेवती से विवाह

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 73 – नर नारायण की कथा | लाक्षाग्रह का निर्माण

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 74 – युधिष्ठिर का धृतराष्ट्र से मिलने जाना | पांडवों का युद्ध अभ्यास

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 75 – पांडव पहुँचे लाक्षाग्रह | पांडवों को बचाने की योजना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 76 – लाक्षाग्रह में लगी आग | पांडव बच कर निकले

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 77 – भीष्म और विदुर वार्ता | पंडवो का पांचाल देश में अज्ञातवास

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 78 – रुक्मिणी का शिशुपाल से विवाह का प्रस्ताव

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 79 – रुक्मिणी का विवाह | रुक्मिणी को बचाने पहुँचे श्री कृष्ण

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 80 – श्री कृष्ण ने किया रुक्मिणी का हरण | रूकमी और श्री कृष्ण युध

Days later, news of Nandraja and Yashoda’s son’s birth reached the kingdom, people were gushing about the unique twinkle in the child’s eyes, about how he was always happy and how his mere presence spread joy and cheer all around.

Krishna grew up unaware of his destiny, far away from all the chaos of Mathura, in Gokul, with Nanda Baba and his wife Yashoda, as his foster parents.

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 81 – द्रौपदी जनम की कथा | द्रौपदी का स्वयंवर

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 82 – अर्जुन ने भेदी मछली की आँख | पांडवों का हस्तिनापुर आगमन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 83 – पांडवों की राजधानी का निर्माण

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 84 – पांडवों का इंद्रप्रस्थ आना | भीम जरासंध युद्ध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 85 – युधिष्ठिर का राजसु यज्ञ | कृष्ण द्वारा शिशुपाल का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 86 – पार्षद जय विजय की कथा | बलराम की गदा युद्ध की शिक्षा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 87 – अर्जुन सुभद्रा मिलन | अर्जुन ने बचायी सुभद्रा की जान

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 88- श्री कृष्ण का बलराम को मनाना | अर्जुन सुभद्रा सम्बंध का प्रारम्भ

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 89 – द्वारिका के ब्राह्मण ने किया श्री कृष्ण का अपमान

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 90 – अर्जुन का यमलोक जाना और ब्रह्मास्त्र चलाना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 91 – दुर्योधन की गुरुदक्षिणा | दुर्योधन – सुभद्रा विवाह का वचन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 92 – अर्जुन और सुभद्रा का द्वारिका में विवाह

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 93 – श्री कृष्ण पर लगा चुराने का आरोप | श्री कृष्ण और जामवन्त युद्ध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 94 – श्री कृष्ण का जामवंती और सत्यभामा से विवाह

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 95 – नरकासुर वध | सत्यभामा ने की कृष्ण से पारिजात वृक्ष की माँग

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रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 96 – श्री कृष्ण और इंद्र देव का युद्ध | पारिजात का वृक्ष मिला

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 97 – सत्यभामा ने किया श्री कृष्ण का दान

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 98 – श्री कृष्ण ने तोड़ा सत्यभामा अहंकार

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 99 – श्री कृष्ण के परम भक्त सुदामा की कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 100 – सुदामा और श्री कृष्ण की मित्रता

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 101 – सुदामा और चक्रधर पहुँचे राजा के दरबार

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 102 – सुदामा चला श्री कृष्ण से मिलने

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 103 – सुदामा के लिए श्री कृष्ण बने मुरली मनोहर

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 104 – श्री कृष्ण ने की सुदामा की सेवा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 105 – सुदामा पहुँच श्री कृष्ण की द्वारिका

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 106 – श्री कृष्ण सदमा मिलन | श्री कृष्ण ने सुदामा का किया स्वागत

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 107 – श्री कृष्ण ने खाए सुदामा के कनदमूल

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 108 – वसुंधरा को मिला लक्ष्मी माता से चिर योवना का वरदान

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 109 – सुदामा की अपने गाँव में वापसी

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 110 – श्री कृष्ण पुत्र प्रद्युम्न की जनम कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 111 – कामदेव ने की शिवजी की तपस्या भंग | शिव ने किया कामदेव को भस्म

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 112 – शमभरसुर मायासुर का द्वारिका पर हमला करना | प्रद्युम्न का जनम

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 113 – प्रद्युम्न का नामकरण | अर्जुन ने किया मायावी का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 114 – शम्भ्रासुर ने किया प्रद्युम्न का हरण

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 115 – बलराम ने अपने हल से रोका नदियों का प्रवाह

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 116 – प्रद्युम्न मिला भानामती को | शम्भ्रासुर के राजगुरु का आना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 117 – राजगुरु ने शम्भ्रासुर को दिया प्रद्युम्न को मारने का आदेश

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 118 – भानामती की पिछले जनम की कथा | पद्मिनी को श्राप

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रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 119 – भानामती की रसायन विद्या | प्रद्युम्न को मारने आयी कृत्या

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 120 – भानामती ने किया प्रद्युम्न पर रसायन विद्या का इस्तेमाल

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 121 – भानामती ने किया प्रद्युम्न पर रसायन विद्या का प्रयोग

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 122 – प्रद्युम्न रति मिलन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 123 – प्रद्युम्न की मायावी विधा समूर्ण होना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 124 – विकटासुर का वध | प्रद्युम्न ने दिखायी अपनी माया

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 125 – प्रद्युम्न ने शम्भ्रासुर के विजय स्तंभ को किया नष्ट

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 126 – प्रद्युम्न और शम्भ्रासुर के पुत्रों में युद्ध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 127 – कुंभकेतु और प्रद्युम्न के बीच युद्ध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 128 – प्रद्युम्न ने किया कुंभकेतु का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 129 – प्रद्युम्न और शम्भ्रासुर के बीच युद्ध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 130 – शम्भ्रासुर का वद्ध | भानामती को मुक्ति मिलना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 131 – द्वापर युग में हनुमान जी से मिलने आए श्री कृष्ण

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 132 – राजा पोंड्रक का अहंकार | हनुमान जी पहुँच पोंड्रक की नगरी

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 133 – हनुमान जी की चेतावनी | द्वित वानर प्रकोप

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 134 – वीरमणि पर पोंड्रक का अत्याचार | पोंड्रक का संधि पत्र

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 135 – हनुमान जी ने पोंड्र नगरी को किया ध्वस्त

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 136 – बलराम ने किया द्वित वानर का वध | पोंड्रक का द्वारिका पर हमला

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 137 – पोंड्रक का वध | काशिराज पुत्र दुर्जय का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 138 – हनुमान जी ने तोड़ा भीम का अहंकार

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 139 – हनुमान जी अर्जुन अहंकार तोड़ा | बलराम और हनुमान जी का युद्ध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 140 – श्री कृष्ण की लीलाएँ और उनके द्वापर युग की कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 141 – कौरव पांडवों के बीच द्यूत क्रीड़ा | द्रौपदी का अपमान

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 142 – द्रौपदी का चीर हरण | श्री कृष्ण ने बचायी द्रौपदी की लाज

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 143 – पांडवों का वनवास | उर्वशी ने अर्जुन को दिया श्राप

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 144 – पांडवों का अज्ञातवास | अभिमन्यु उत्तरा विवाह

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 145 – श्री कृष्ण शांति दूत बनकर पहुँचे हस्तिनापुर | कर्ण की कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 146 – कर्ण की सूर्य देव से भेंट | महाभारत के युद्ध की तैयारी

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 147 – महाभारत का आरम्भ | युद्ध में अर्जुन का विचलित होना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 148 – श्री कृष्ण ने दिया अर्जुन को उपदेश

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 149 – श्री कृष्ण गीता उपदेश | श्री कृष्ण ने दिया अर्जुन को उपदेश

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 150 – श्री कृष्ण ने दिया अर्जुन को इंद्रियों को वश में रखने का उपदेश

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 151 – श्री कृष्ण ने अर्जुन को दिया कर्म योग का ज्ञान

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 152 – श्री कृष्ण ने अर्जुन को बतायी सुख की परिभाषा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 153 – श्री कृष्ण ने अर्जुन से स्थिर बुद्धि करने को कहा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 154 – श्री कृष्ण ने अर्जुन का कर्म और ज्ञान की परिभाषा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 155 – श्री कृष्ण गीता उपदेश | अधर्मी का विनाश ना करना भी अधर्म है

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 156 – श्री कृष्ण ने अर्जुन को दिए विराट रूप के दर्शन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 157 – श्री कृष्ण गीता उपदेश और महाभारत का युद्ध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 158 – श्री कृष्ण गीत उपदेश और महाभारत का प्रारम्भ

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 159 – श्री कृष्ण ने मोक्ष का रास्ता बताया अर्जुन को

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 160 – श्री कृष्ण का विराट रूप | अर्जुन ने उठाए शस्त्र

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 161 – युधिष्ठिर ने अपने बड़ों से ली युद्ध शुरू करने की आज्ञा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 162 – महाभारत का युद्ध | विराट नरेश के पुत्र उत्तर की वीरगति

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 163 – महाभारत का युद्ध | अर्जुन और भीष्म पितामह के बीच में युद्ध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 164 – श्री कृष्ण ने तोड़ी अपनी शस्त्र ना उठाने की प्रतिज्ञा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 165 – महाभारत का युद्ध | भीष्म की पांडवों का वध करने की प्रतिज्ञा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 166 – भीष्म ने दिया द्रौपदी को सदा सुहागन होने का आशीर्वाद

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 167 – महाभारत का युद्ध | अर्जुन और भीष्म का अंतिम युद्ध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 168 – भीष्म के बाद द्रोणाचार्य बने सेनापति | कर्ण के कवच और कुंडल

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 169 – महाभारत का युद्ध | महाबली दानवीर कर्ण | चक्रव्यूह का निर्माण

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 170 – महाभारत का युद्ध | वीर अभिमन्यु का चक्रव्यूह में वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 171 – महाभारत का युद्ध | अभिमनयु के वध पर रामानदं सागर द्वारा वर्णन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 172 – श्री कृष्ण के अपमान पर अर्जुन की प्रतिक्रिया का वर्णन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 173 – रामानन्द सागर द्वारा श्री कृष्ण लीला का वर्णन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 174 – श्री कृष्ण और अपनी माता यशोदा से बिछड़ने का वर्णन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 175 – महाभारत युद्ध | जयदरथ की अर्जुन से युद्ध में सुरक्षा की चिंता

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 176 – महाभारत का युद्ध | अर्जुन ने किया जयदरथ का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 177 – महाभारत का युद्ध | आचार्य द्रोण ने ली अंतिम युद्ध की प्रतिज्ञा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 178 – महाभारत का युद्ध | गुरु द्रोण का निर्णायक युद्ध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 179 – आचार्य द्रोण का वध | अश्वत्थामा का नारायण अस्त्र

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 180 – महाभारत का युद्ध | कर्ण की माता कुंती

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 181 – महाभारत का युद्ध | कुंती ने बताई कर्ण के जनम की सच्चाई

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 182 – महाभारत का युद्ध | घटोत्कच का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 183 – महाभारत का युद्ध | करण और अर्जुन के बीच संग्राम

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 184 – महाभारत का युद्ध | कर्ण ने युद्ध में हराया युधिष्ठिर को

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 185 – महाभारत का युद्ध | महारथी कर्ण का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 186 – महाभारत का युद्ध | श्री कृष्ण ने सुनाई अर्जुन को कर्ण की कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 187 – राजा शैलय का सेंपती बनना | नकुल ने किया शकुनि का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 188 – महाभारत का युद्ध | भीम ने किया दुशासन का वध | राजा शैलय का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 189 – महाभारत का युद्ध | दुर्योधन युद्ध से भाग जाता है

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 190 – महाभारत का युद्ध | पांडव पहुँचे दुर्योधन के सरोवर के पास

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 191 – महाभारत का युद्ध | भीम ने किया दुर्योधन का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 192 – अश्वत्थामा ने रात्रि में किया पांडवों के शिविर पर हमला

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 193 – अश्वत्थामा ने किया पांडव पुत्रों का वध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 194 – अश्वत्थामा ने चलाया ब्रह्मषिर अस्त्र

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 195 – मुरा का श्री कृष्ण से युद्ध | श्री कृष्ण बने मुरारी

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 196 – बर्ब्रिक की कथा और उसकी मुक्ति की कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 197 – धृतराष्ट्र ने भीम को मारना चाहा | गांधारी ने दिया श्राप

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 198 – कुंती ने बताई पांडवों को कर्ण की सचाई | कर्ण की तिलांजलि

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 199 – युधिष्ठिर का हस्तिनापुर का राजा बनना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 200- भीष्म का युधिष्ठिर को ज्ञान | भीष्म पितामह की मोक्ष को प्राप्ति

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 201 – धृतराष्ट्र का वन में जाकर रहने का निर्णय

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 202 – युधिष्ठिर का अश्वमेध यज्ञ करना | युधिष्ठिर का अहंकार

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 203 – पांडवों, धरितराष्ट्र्र, गांधारी और कुंती ने किए दर्शन

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 204 – हस्तिनापुर से श्री कृष्ण की विदाई | ऋषि भार्गव उत्तंग को क्रोध

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 205 – महाऋषि उत्तंग की इंद्र देव ने ली परीक्षा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 206 – श्री कृष्ण पर द्वारिका में चर्वारत ने किया हमला

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 207 – श्री कृष्ण ने मिलाया देवकी वासुदेव को उनके सातों पुत्रों से

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 208 – श्री कृष्ण द्वारा प्रध्यमं और प्रभावती के विवाह का प्रस्ताव

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 209 – वज्रनाभ का द्वारिका पर आक्रमण | वज्रनाभ का वध

हम आशा करते हैं कि आपको यही सभी एपिसोड पसंद आये होंगे। 

भगवान श्री कृष्ण आपकी मनोकामना पूर्ण करें 

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 210 – बाणासुर की कथा | बाणासुर की महायुद्ध के लिए तपस्या

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 211 – बाणासुर की पुत्री का स्वयंवर

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 212 – बाणासुर की पुत्री उषा और अनिरुध के मिलन का प्रारंभ

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 213 – अनिरुध चल अपनी प्रेमिका उषा को खोजने

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 214 – बलराम का बाणासुर को अनिरुध और उषा के विवाह का प्रस्ताव

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 215 – चित्रलेखा के श्राप की कथा

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 216 – चित्रलेखा ने किया अनिरुध का हरण

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 217 – अनिरुध और उषा का विवाह | बाणासुर ने शुरू की अनिरुध की खोज

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 218 – चित्रलेखा की उषा के साथ मित्रता और अनिरुध को छुपाना

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 219 – रूप बदल कर अनिरुध उषा के साथ पहुँचा शिव मंदिर

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 220 – अनिरुध को बाणासुर ने बनाया बंदी

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 221 – बनासुर का श्री कृष्ण ने तोड़ा अहंकार



According to the scriptures and Vedas, Lord Krishna was born at the same time and can also be said according to today's scientific ideas. So the time of birth of Lord Krishna was 215 years ago at the same time this planetary state was created. According to him, it is believed that the time of birth of Lord Krishna is right according to the Vedas.

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